ड्रोन फोटोग्राफी के 5 कानूनी नियम – हर ड्रोन ऑपरेटर को जानना चाहिए



ड्रोन फोटोग्राफी वेडिंग इंडस्ट्री में बहुत ट्रेंड में है, लेकिन कई फोटोग्राफर ड्रोन उड़ाने के कानूनी नियमों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। भारत में ड्रोन उड़ाने के लिए DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने कड़े नियम बनाए हैं। मैं (कुसुम ग्राफिक्स) आपको 5 जरूरी कानूनी नियम बता रहा हूँ, जो हर ड्रोन ऑपरेटर को पता होने चाहिए।

नियम 1 – ड्रोन रजिस्ट्रेशन (Drone Registration): DGCA के अनुसार, 250 ग्राम से अधिक वजन वाला हर ड्रोन को डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत (Register) करना अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद आपको एक यूनिक ID (UIN) मिलेगा, जो ड्रोन पर चिपकाना जरूरी है। बिना रजिस्ट्रेशन के ड्रोन उड़ाना कानूनी अपराध है।

नियम 2 – ड्रोन पायलट का लाइसेंस (Pilot License): पेशेवर ड्रोन उड़ाने (कमर्शियल यूज़, जैसे – वेडिंग) के लिए ड्रोन पायलट लाइसेंस होना जरूरी है। यह DGCA द्वारा मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग स्कूल से प्राप्त किया जाता है। बिना लाइसेंस के ड्रोन उड़ाना जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।

नियम 3 – नो-फ्लाई ज़ोन (No-Fly Zone): एयरपोर्ट (हवाई अड्डे) के 5 किमी के दायरे में, सरकारी इमारतों, सैन्य छावनियों, और संवेदनशील स्थानों (जैसे – राजभवन, पुलिस मुख्यालय) के आसपास ड्रोन उड़ाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ऐसा करना गंभीर कानूनी अपराध है। शादी से पहले लोकेशन को DGCA के नो-फ्लाई ज़ोन मैप पर जाँच लें।

नियम 4 – ऊँचाई की सीमा (Altitude Limit): DGCA के नियमों के अनुसार, बिना विशेष अनुमति के ड्रोन को 400 फीट (लगभग 120 मीटर) से अधिक ऊँचाई पर नहीं उड़ाया जा सकता है। साथ ही, आम लोगों, वाहनों, और इमारतों से सुरक्षित दूरी (15 मीटर) बनाए रखना जरूरी है।

नियम 5 – जनता से अनुमति (Public Permission): किसी भी सार्वजनिक या निजी स्थान (जहाँ ड्रोन उड़ रहा है) पर, खासकर भीड़-भाड़ वाली शादी में, स्थानीय प्रशासन और मेज़बान (Host) से अनुमति लेना आपकी जिम्मेदारी है। अगर कोई घायल होता है या कोई दुर्घटना होती है, तो पूरी जिम्मेदारी ड्रोन ऑपरेटर की होगी।

हमारी सलाह: ये नियम सिर्फ कागजी औपचारिकता नहीं हैं – ये आपकी और आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए हैं। एक पेशेवर ड्रोन ऑपरेटर के रूप में, आपको इन नियमों को मानना चाहिए। अगर आपने लाइसेंस नहीं लिया है, तो किसी बड़ी शादी में ड्रोन न उड़ाएँ। सबसे पहले कानूनी तौर पर सही बनें, फिर रचनात्मक (क्रिएटिव) बनें।