शादी में परिवार का ग्रुप फोटो क्यों जरूरी है

आजकल कपल फोटो, प्री-वेडिंग शूट, रील वगैरह पर बहुत ध्यान जाता है। ये ठीक है, इनसे अच्छी यादें बनती हैं। लेकिन एक चीज जो अक्सर छूट जाती है वो है परिवार का ग्रुप फोटो। और यही फोटो बाद में सबसे ज्यादा कीमती बनती है।

सोचिए, दादा-दादी, माता-पिता, चाचा-चाची, भाई-बहन, बुआ, फुफा — सब एक साथ एक फ्रेम में कब दिखेंगे? शायद यही एक मौका होता है। कई बार बुजुर्ग लोग शादी के कुछ साल बाद नहीं रहते, और तब लोग कहते हैं कि काश उनके साथ एक अच्छी फोटो होती।

मैंने अपने अनुभव में देखा है कि जो लोग शादी के बाद एल्बम खोलते हैं, वो सबसे पहले ग्रुप फोटो ही देखते हैं। कपल फोटो तो सुंदर होती है, पर ग्रुप फोटो में जो अपनापन होता है, वो अलग ही बात है।



ग्रुप फोटो के लिए पहले से तैयारी क्यों जरूरी है

शादी के दिन सब इधर-उधर भाग रहे होते हैं। कोई खाना खा रहा है, कोई बारात लेने गया है, कोई डीजे पर नाच रहा है। ऐसे में अगर आप अचानक कहेंगे कि सब आ जाइए फोटो खिंचवाना है, तो कोई नहीं आएगा। इसलिए पहले से योजना बना लें।

तरीका ये है:

  • शादी से एक दिन पहले ही तय कर लें कि ग्रुप फोटो कब होगी। जैसे फेरे के बाद, या खाना खाने से पहले।

  • किसी भरोसेमंद रिश्तेदार को जिम्मा दें कि वो लोगों को इकट्ठा करे। फोटोग्राफर अकेला सबको नहीं बुला सकता।

  • माइक पर घोषणा करवा दें कि अमुक समय पर सब ग्रुप फोटो के लिए आएं। इससे लोग तैयार रहते हैं।

  • 15-20 मिनट का समय रखें। ज्यादा लंबा खींचने से लोग ऊब जाते हैं।


कौन-कौन से समूह की फोटो होनी चाहिए

फोटोग्राफर को पहले से एक लिस्ट दे दें। वरना वो भी असमंजस में पड़ जाता है कि किसे बुलाएं। आम तौर पर ये समूह होते हैं:

  1. पूरा परिवार — वर और वधू दोनों के साथ

  2. वर पक्ष का परिवार

  3. वधू पक्ष का परिवार

  4. दादा-दादी, नाना-नानी के साथ

  5. माता-पिता और भाई-बहन के साथ

  6. चाचा-चाची, बुआ-फुफा के साथ

  7. दोस्तों का ग्रुप

  8. मोहल्ले और गांव वालों का ग्रुप

  9. काम वालों का ग्रुप

हर ग्रुप की दो-तीन फोटो होनी चाहिए — एक औपचारिक, एक हंसते हुए, और एक कैंडिड। इससे चुनने का विकल्प रहता है।

ग्रुप फोटो खिंचवाते समय किन बातों का ध्यान रखें

सबसे पहले जगह देखें। सीढ़ी वाली जगह या सामने खुली जगह अच्छी रहती है, जहां पीछे वाले लोग भी दिख जाएं। सबको ऊंचाई के हिसाब से खड़ा करें — लंबे लोग पीछे, छोटे लोग आगे, बच्चे और बुजुर्ग कुर्सी पर आगे बैठें।

लाइट का ध्यान रखें। सूरज सामने हो तो लोग आंखें सिकोड़ लेते हैं। सूरज पीछे हो तो चेहरा काला पड़ जाता है। इसलिए साइड लाइट सबसे अच्छी होती है, या छाया वाली जगह।

और हां, फोटो खिंचवाते समय सब हंसें, ऐसा कहने से काम नहीं चलता। लोग बनावटी हंसी हंसते हैं, जो फोटो में दिख जाती है। बस आपस में बात करते रहिए, कोई जोक सुनाइए, फोटोग्राफर अपना काम कर लेगा। कैंडिड फोटो इसी तरह बनती है।

ग्रुप फोटो की एडिटिंग और प्रिंट

ग्रुप फोटो में एक दिक्कत आती है — किसी की आंख बंद हो जाती है, कोई इधर देख रहा होता है। अच्छा फोटोग्राफर 3-4 फोटो खींचकर बाद में मिला देता है। इसलिए फोटोग्राफर से कहिए कि हर ग्रुप की कम से कम तीन फोटो ले।

ग्रुप फोटो को बड़े साइज में प्रिंट करवाइए। 12x18 या उससे बड़ा। दीवार पर लगाने के लिए यही साइज अच्छा लगता है। और हर परिवार को एक-एक कॉपी दिलवा दीजिए, तो सब खुश हो जाते हैं।

आखिरी बात

शादी की फोटोग्राफी में कपल शॉट सुंदरता है, तो ग्रुप फोटो भावना है। दोनों की अपनी जगह है। लेकिन ग्रुप फोटो वो धरोहर है जो पीढ़ियों तक चलती है। आपके बच्चे बड़े होकर उस फोटो में अपने दादा-दादी, परदादा-परदादी को देखेंगे। ये बात किसी रील या वीडियो में नहीं मिलती।

तो शादी के दिन थोड़ा समय निकालिए, सबको इकट्ठा कीजिए, और एक अच्छी ग्रुप फोटो जरूर खिंचवाइए। यही फोटो बाद में आपकी अलमारी की शोभा बढ़ाएगी, और बच्चों को दिखाने के काम आएगी।